अमेरिका का 'डूम्सडे' मिसाइल परीक्षण: ईरान तनाव के बीच मंडराता परमाणु युद्ध का खतरा
हाल ही में अमेरिका द्वारा एक बेहद विनाशकारी मिसाइल का परीक्षण किया गया है, जिसने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व में युद्ध जैसी स्थिति के बीच इस परीक्षण ने परमाणु युद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। इस मिसाइल की क्षमताएं इतनी घातक हैं कि इसे प्रलय लाने वाले हथियार के रूप में देखा जा रहा है।
'डूम्सडे' या मिनटमैन-3 मिसाइल क्या है? अमेरिका द्वारा परीक्षण की गई इस मिसाइल का असली नाम 'मिनटमैन-3' (Minuteman III) है, जिसे मीडिया और विशेषज्ञों द्वारा 'डूम्सडे' (Doomsday) मिसाइल कहा जा रहा है। इस मिसाइल की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- अचूक गति और मारक क्षमता: यह एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जो ध्वनि की गति से 23 गुना अधिक तेज (लगभग 28,400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार) उड़ान भर सकती है।
- दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचने की ताकत: इसकी गति इतनी तेज है कि यह अधिकतम 30 मिनट में दुनिया के किसी भी हिस्से में पहुंच सकती है। जमीन से जमीन पर इसकी मारक दूरी 9,600 किलोमीटर है, जबकि परवलयाकार (parabolic) पथ पर यह 13,000 किलोमीटर दूर तक जा सकती है।
- विनाशकारी परमाणु वॉरहेड: इस मिसाइल में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बमों से 20 गुना अधिक शक्तिशाली न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने की क्षमता है, जो पल भर में करोड़ों लोगों की जान ले सकता है।
क्या खास बनाता है इस मिसाइल को? इस मिसाइल में MIRV (Multiple Independently targetable Reentry Vehicle) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। जब यह अंतरिक्ष से वापस वायुमंडल में प्रवेश कर अपने लक्ष्य के करीब पहुंचती है, तो कई मिसाइलों में बंट जाती है। यह भ्रम की स्थिति पैदा करती है, जिससे दुनिया के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे पकड़ना या रोकना लगभग असंभव हो जाता है।
अमेरिका के पास ऐसी लगभग 400 मिसाइलें एनी टाइम 'एक्टिव अलर्ट' पर हैं, जिन्हें जमीन के अंदर बने साइलोस (silos) में सुरक्षित रखा गया है और केवल एक क्लिक पर फायर किया जा सकता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि भीषण युद्ध की स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति इसे 'डूम्सडे प्लेन' (US Navy E6B) नामक एक विशेष हवाई जहाज में बैठकर हवा से भी ऑपरेट करने का आदेश दे सकते हैं।
ईरान के साथ तनाव और अमेरिका की चेतावनी यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब मध्य पूर्व में हालात बेहद नाजुक हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान बेहद आक्रामक हो गया है और अमेरिकी तथा इजरायली ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। ईरान अपनी उन्नत 'खुर्रमशहर' (Khorramshahr) जैसी मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है जो 16 मैक तक की स्पीड से हमला कर सकती हैं।
इसके अलावा, चिंता इस बात की भी है कि ईरान ने लगभग 60% तक यूरेनियम संवर्धन (Uranium enrichment) कर लिया है। अगर वह इसे 90% तक ले जाकर परमाणु बम बना लेता है, तो स्थिति भयावह हो सकती है। अमेरिका का यह मिसाइल परीक्षण दरअसल ईरान के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि यदि ईरान परमाणु हमले के बारे में सोचता भी है, तो अमेरिका के पास ऐसी मिसाइलें हैं जो उसे पूरी तरह तबाह कर देंगी।
डूम्सडे क्लॉक और 'न्यूक्लियर विंटर' का खौफ दुनिया में बढ़ते इस विनाशकारी तनाव को 'डूम्सडे क्लॉक' (प्रलय की घड़ी) के जरिए समझा जा सकता है। यह घड़ी इस बात की गणना करती है कि दुनिया विनाश से कितनी दूर है। वर्तमान में यह घड़ी मध्यरात्रि (महाप्रलय के समय) से मात्र 85 सेकंड की दूरी पर है, जो बताता है कि दुनिया इस समय एक ट्रिगर भर की दूरी पर है।
वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी चिंता 'न्यूक्लियर विंटर' (Nuclear Winter) को लेकर है। यदि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु बमों का इस्तेमाल होता है, तो उससे उठने वाला धुआं, मलबा और रेडिएशन पूरी दुनिया के आसमान पर छा जाएगा। यह अंधकार सूरज की रोशनी को धरती तक पहुंचने से रोक देगा, जिससे पूरी धरती पर भयंकर ठंड और शीत का माहौल छा जाएगा, जो सम्पूर्ण मानव जाति के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।







