पुतिन के सबसे बड़े विरोधी की मौत का रहस्य: क्या 'मेंढक के जहर' से हुई थी एलेक्सी नवलनी की हत्या?
रूस की राजनीति में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे प्रबल विरोधी माने जाने वाले एलेक्सी नवलनी की मौत को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। 16 फरवरी 2024 को आर्कटिक सर्कल की जेल में हुई नवलनी की मौत के पीछे अब "मेंढक के जहर" (Frog Poison) का हाथ बताया जा रहा है। पश्चिमी देशों ने आरोप लगाया है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला, कौन सा था वह जहर और पुतिन पर क्यों उठ रहे हैं सवाल।
1. पश्चिमी देशों का दावा: 'एपिपेटिडिन' जहर का इस्तेमाल
हाल ही में यूरोप के पांच प्रमुख देशों—ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड—ने दावा किया है कि नवलनी की हत्या 'एपिपेटिडिन' (Epibatidine) नामक जहर देकर की गई थी।
• इन देशों का कहना है कि उनकी स्वतंत्र लैबों ने नवलनी के शारीरिक नमूनों (Samples) की जांच में इस जहर की पुष्टि की है।
• यह जहर दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले डार्ट मेंढक (Dart Frog) की त्वचा से निकलता है।
2. कितना खतरनाक है यह जहर?
नेशनल ज्योग्राफिक और वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार, जिस जहर का जिक्र किया गया है, वह अत्यंत घातक है:
• शक्ति: यह मॉर्फिन (Morphine) से लगभग 200 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।
• असर: शरीर में जाते ही यह नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को ब्लॉक कर देता है। सबसे पहले व्यक्ति लकवाग्रस्त (Paralyzed) हो जाता है, फिर उसे सांस लेने में दिक्कत होती है और अंततः दर्दनाक मौत हो जाती है।
• प्रकृति: यह मेंढक बहुत छोटे (1 से 6 सेमी) होते हैं और चमकीले रंगों में पाए जाते हैं। इनका जहर इतना तेज होता है कि एक बार में 10 लोगों की जान ले सकता है।
3. रूस का पलटवार: 'जेल से सैंपल कैसे मिले?'
इन आरोपों पर रूस ने सख्त प्रतिक्रिया दी है और इसे मानने से इनकार कर दिया है। रूस का सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवलनी की मौत रूस की सबसे सुरक्षित और कठोर 'पोलर वुल्फ' (Polar Wolf) जेल में हुई थी, जो आर्कटिक क्षेत्र में है। ऐसे में, पश्चिमी देशों के पास जांच के लिए नवलनी का सैंपल पहुंचा कैसे?। हालांकि, पश्चिमी देशों का तर्क है कि रूस के पास इस जहर को इस्तेमाल करने का साधन, मकसद और मौका तीनों मौजूद थे।
4. एलेक्सी नवलनी: पुतिन की आंखों की किरकिरी
एलेक्सी नवलनी पेशे से वकील थे, लेकिन उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर पुतिन की सत्ता को चुनौती दी थी।
• राजनीतिक सफर: उन्होंने 2013 में मॉस्को मेयर का चुनाव लड़ा और भारी दबाव के बावजूद 27% वोट हासिल किए।
• पिछला हमला: साल 2020 में भी उन्हें मारने की कोशिश की गई थी। तब उन्हें 'नोविचोक' (Novichok) नाम का नर्व एजेंट दिया गया था। इलाज के लिए वे जर्मनी गए और जान बचने के बाद जब वे वापस रूस लौटे, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
• सजा: उन पर देशद्रोह और प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप लगाकर पहले 9 साल और फिर अगस्त 2023 में 19 साल की सजा सुनाई गई थी।
5. पुतिन पर शक क्यों?
व्लादिमीर पुतिन साल 2000 से रूस की सत्ता में बने हुए हैं (कभी राष्ट्रपति तो कभी प्रधानमंत्री के रूप में)। आलोचकों का मानना है कि सत्ता में बने रहने के लिए पुतिन ने समय-समय पर अपने विरोधियों को रास्ते से हटाया है।
• इतिहास: पुतिन पर पहले भी आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने विरोधियों को जहर देकर मरवाया। उदाहरण के लिए, 2006 में अलेक्जेंडर लिटविनेंको को 'पोलोनियम-210' और एक अन्य मामले में नोविचोक का इस्तेमाल किया गया था।
• मकसद: नवलनी जेल में रहकर भी लोकतंत्र की आवाज बने हुए थे और 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध का विरोध कर रहे थे, जो पुतिन को बर्दाश्त नहीं था।
निष्कर्ष
फिलहाल, अमेरिका ने इस मामले पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया देने से किनारा कर लिया है, लेकिन यूरोपीय देश इसे 'केमिकल वेपन कन्वेंशन' का उल्लंघन मानते हुए रूस के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। नवलनी की मौत ने एक बार फिर रूस में विपक्ष की स्थिति और पुतिन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।







